Essay on vivekananda

Essay on Swami Vivekananda for Students 500+ Students. स्वामी विवेकानंद पर निबंध / Essay on Swami Vivekananda in Hindi! Words Essay On Swami Vivekananda. Born as Narendranath Dutta on 12 th January 1863 in the holy and divine place of Kolkata, Swami Vivekananda was a great Indian saint. He was a figure with “high thinking and simple living”. He was a great pious leader, a philosopher, and also a devout personality with great principles.

Swami Vivekananda Essay - 6638 Words - StudyMode स्वामी विवेकानंद की गिनती भारत के महापुरुषों में होती है । उस समय जबकि भारत अंग्रेजी दासता में अपने को दीन-हीन पा रहा था, भारत माता ने एक ऐसे लाल को जन्म दिया जिसने भारत के लोगों का ही नहीं, पूरी मानवता का गौरव बढ़ाया । उन्होंने विश्व के लोगों को भारत के अध्यात्म का रसास्वादन कराया । इस महापुरुष पर संपूर्ण भारत को गर्व है ।इस महापुरुष का जन्म 12 जनवरी, 1863 ई. ESSAY ON THE LEGACY OF SWAMI VIVEKANANDA Swami Vivekananda as we all know is the greatest Hindu monk who has brought a massive change during the 19th century. He was born in 1863 in Kolkata and continued his studies there. Swami Vivekananda is his renowned name due to his contribution to the Hindi Monasticism. His real name was Narendra Nath Datta known by a very few.

Essay on Swami Vivekananda in English – Swami Vivekananda. में कोलकाता के एक क्षत्रिय परिवार में श्री विश्वनाथ दत्त के यहाँ हुआ था । विश्वनाथ दत्त कलकत्ता हाई कोर्ट के नामी वकील थे । माता-पिता ने बालक का नाम नरेन्द्र रखा । नरेन्द्र बचपन से ही मेधावी थे । उन्होंने 1889 में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण कर कोलकाता के ‘ जनरल असेम्बली ’ नामक कॉलेज में प्रवेश लिया । यहाँ उन्होंने इतिहास, दर्शन, साहित्य आदि विषयों का अध्ययन किया । नरेन्द्र ने बी.ए. Swami Vivekananda Essay Here GkSection has been published an important essay on Swami Vivekananda in English language. The Swami Vivekananda Essay is an useful for those students who are currently studying in school or colleges With the help of Swami Vivekananda essay you can write or give fluently speech about Swami Vivekananda in your school/college’s

Words Essay on Swami Vivekanand A Model of. की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की ।नरेन्द्र ईश्वरीय सत्ता और धर्म को शंका की दृष्टि से देखते थे । लेकिन वे जिज्ञासु प्रवृत्ति के थे । वे अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिए ब्रह्मसमाज में गए । यहाँ उनके मन को संतुष्टि नहीं मिली । फिर नरेन्द्र सत्रह वर्ष की आयु में दक्षिणेश्वर के संत रामकृष्ण परमहंस के संपर्क में आए । परमहंस जी का नरेन्द्र पर गहरा प्रभाव पड़ा । नरेन्द्र ने उन्हें अपना गुरु बना लिया ।इन्ही दिनों नरेन्द्र के पिता का देहांत हो गया । नरेन्द्र पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई । परंतु अच्छी नौकरी न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा । नरेन्द्र गुरु रामकृष्ण की शरण में गए । गुरु ने उन्हें माँ काली से आर्थिक संकट दूर करने का वरदान माँगने को कहा । नरेन्द्र माँ काली के पास गए परंतु धन की बात भूलकर बुद्धि और भक्ति की याचना की । एक दिन गुरु ने उन्हें अपनी साधना का तेज देकर नरेन्द्र से विवेकानन्द बना दिया ।रामकृष्ण परमहंस की मृत्यु के बाद विवेकानन्द कोलकाता छोड़ वरादनगर के आश्रम में रहने लगे । यहाँ उन्होंने शास्त्रों और धर्मग्रंथों का अध्ययन किया । इसके बाद वे भारत की यात्रा पर निकल पड़े । वे उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जूनागढ़, सोमनाथ, पोरबंदर, बड़ौदा, पूना, मैसूर होते हुए दक्षिण भारत पहुँचे । वहाँ से वे पांडिचेरी और मद्रास पहुँचे ।सन् 1893 में अमेरिका के शिकागो शहर में विश्व धर्म-सम्मेलन हो रहा था । शिष्यों ने स्वामी विवेकानन्द से उसमें भाग लेकर हिन्दू धर्म का पक्ष रखने का आग्रह किया । स्वामी जी कठिनाइयों को झेलते हुए शिकागो पहुँचे । उन्हें सबसे अंत में बोलने के लिए बुलाया गया । परंतु उनका भाषण सुनते ही श्रोता गद्‌गद् हो उठे । उनसे कई बार भाषण कराए गए । दुनिया में उनके नाम की धूम मच गई । इसके बाद उन्होंने अमेरिका तथा यूरोपीय देशों का भ्रमण किया । अमेरिका के बहुत से लोग उनके शिष्य बन गए ।चार वर्षों में विदेशों में धर्म-प्रचार के बाद विवेकानन्द भारत लौटे । भारत में उनकी ख्याति पहले ही पहुंच चुकी थी । उनका भव्य स्वागत किया गया । स्वामी जी ने लोगों से कहा – ” वास्तविक शिव की पूजा निर्धन और दरिद्र की पूजा में है, रोगी और दुर्बल की सेवा में है । ” भारतीय अध्यात्मवाद के प्रचार और प्रसार के लिए उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की । मिशन की सफलता के लिए उन्होंने लगातार श्रम किया, जिससे उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया । 4 जुलाई, 1902 ई. Words Essay on Swami Vivekanand A Model of Inspiration for the Young. Article shared by. Swami Vivekananda had foreseen such a disaster, and had warned the western countries to shift their stance and take to the eternal message of spirituality, harmony and peace, as preached by him in the light of the teachings of his great master, Shri.

Essay on Swami Vivekananda in English Updated in 2020 “Lives of great men all-remind us, we can make our lives sublime, and departing leave behind us, Footprints on the sands of time.”Swami Vivekananda represents the eternal youth of India. Video credits Essay on Swami Vivekananda 200 words Preface Swami Vivekananda was born on 18 January in 1863 as Narendra Nath Dutt in Calcutta. His parents were Vishwanath Dutta a lawyer in the Calcutta High Court and Bhuvaneshwari Devi a religious housewife.

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